Category Archives: Writing

शिव

महा शिवरात्रि के इस पावन पर्व पर सभी को शुभकामनाएं एवं संयम महाकाल के श्रीचरणों में यह रचना अर्पित करता हुँ। शीश धरे शशि, जटा धरी गंगा, सर्प सुशोभित सम सुमन माला, भस्म रमाए चिर सन्यासी, कंठ समाये विष विशम्भर, … Continue reading

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क्या हम स्वाधीन है?

हमारे 68वें गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर, राष्ट्र की यथास्थिति स्वयं से यह प्रश्न करने को विवश कर रही हैं। जिस प्रकार की अशांति, अराजकता व्याप्त है वह हमारे स्वाधीन होने पर प्रश्न उठा रहे हैं। प्रजा बड़ी प्राचीन … Continue reading

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यादें

मैं भूला तो नहीं, पर याद नहीं रहता, वक़्त की धूल से सब साफ नहीं दिखता। धुंधली सी झलक आती है आँखों के सामने, बस वक़्त का तकाज़ा ध्यान नहीं रहता। यादों की तस्वीरों में वक़्त की दिमग लगी है, … Continue reading

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दरख़्त

मैं दरख़्त हुँ, इसलिए सख्त हुँ। जड़ नही जड़ों से जुड़ा हुआ, ज़मीन पर खड़ा हुँ। कोपल से फट कर, आकाश की और बढ़ता हुँ। मैं खोखला नही, समय के साथ ठोस बना हुँ। हर परिस्थिति से, लड़ कर खड़ा … Continue reading

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दोस्त

अब दोस्तों के बारे में क्या बताये, बस इतना ही कह सकता हुँ कि दोस्त जैसे भी हो दोस्त होते है। यह कविता अपने सभी दोस्तों को समर्पित करता हुँ क्योंकि मैं भी उन्ही का दोस्त हुँ। :p हर दोस्त … Continue reading

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चिंतन

कभी कही ऐसे ही बैठे-बैठे जीवन के प्रश्न पर चिंतन-मनन करते हुए कुछ विचार इसप्रकार आये – लड्डू से नुक्ती बटने तक बंधा हुआ क्यूं जीवन सारा? जनम-मरण के चक्र में उलझा, इससे ऊपर उठ ना पाया। मन समाज के … Continue reading

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सड़क पार…

करनी मुझे सड़क थी पार, चौपायों से भरा बाज़ार, प्रियतम मेरी राह निहारे, सौच-सौच रक्तचाप बढ़ाए, कब आएंगे वो इस पार, चितकबरी धारी वाली पट्टी पर, बहुत किया फिर सौच विचार, कैसे करूँ इस सड़क को पार, करता रहा मैं … Continue reading

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