Category Archives: Uncategorized

रहते थे

रहते थे अकड़ में हम भी बड़े, बस उम्र थी छोटी काम बड़े। बारूद पर चढ़ कर खेल किए, लिये आँख में शोले चिंगारी भरे। रहते थे अकड़ में… देते थे पलट कर चार सुना, कोई जो टोंके एक दफा। … Continue reading

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मेंगई

भिया मेंगई की मार पे इंदौरी के विचार प्रस्तुत है रस्ते के जो भाटे है, दुनियाभर के घाटे है, साले सब अपने ही माथे है! कित्ता भी भले कमा लिया, पर ढ़ेला भर नि बच पा रिया, कुछ-बी समझ नि … Continue reading

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उधार

बौझ उधार का बहुत भारी होता हैं, ये जाकर उससे पुछो जो सच मे ढ़ोता हैं। जो देकर उधार खुद भूल जाए, वो उपकारी निर्मोही होता हैं। और निःस्वार्थ दान जो देता, वही करदाता होता हैं। पर जो खुद किराये … Continue reading

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क्या हम स्वाधीन है?

हमारे 68वें गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर, राष्ट्र की यथास्थिति स्वयं से यह प्रश्न करने को विवश कर रही हैं। जिस प्रकार की अशांति, अराजकता व्याप्त है वह हमारे स्वाधीन होने पर प्रश्न उठा रहे हैं। प्रजा बड़ी प्राचीन … Continue reading

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कौन है तू…

One fine day I was just strumming and humming randomly on guitar. Somehow it turned into a tune, and Sumit (my roommate) joined me. Suddenly we started musical dialog on raw combination of notes with poetry and ended up with the song, … Continue reading

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नारी

अंतर-राष्ट्रीय महिला दिवस पर सभी महिलाऔ को कुछ पंक्तिया अर्पित करता हुँ । नारी मनुष्य का मूल है, जीवन की बैला का फुल है, कम कभी न आकों उसे, निष्ठुर के लिये वो शूल है जिसने समर्पण परिभाषित किया, संस्कारों … Continue reading

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