Monthly Archives: April 2017

कोई…

तन की सुंदरता के पीछे मन का मेल छुपाये कोई, नैन-नक्ष पर मोहित होते मन के भाव न देखे कोई, छल-कपट से भरे हुए जो होते है संसार में कोई, सगा-पराया कुछ न देखे स्वार्थ के आगे बचे न कोई, … Continue reading

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