अपने पे बीती…

दो दिन पहले घटी छोटी सी दुर्घटना का विवरण अपने इंदौरी भिया को बताते हुए…

अब क्या बताएं भिया,
आज तो जो फैले है कि पूछो मत,
सड़क पे ऐसे लोटे के उठे मत।

किसी भेरू के चक्कर में अपन भेरा गए,
और धरती माता की गौद में पेल के जा गिरे।

जैसे पोए पे जिरावन छिड़कता है,
वैसेज अपने पे धुला लिपट ग्या,
औंधा रगड़ ग्या, गौड़ा घिसड़ ग्या।

कोई पायलेट-गिरी नि कर्रे थे अपन,
बस शांति से घर के लिए निकल रिये थे।

कजन किसकी खटारा से तेल टपका,
उसपे अपनी रामप्यारी का पइयाँ रपटा।

फिर अब क्या भिया अपना तो बेलेन्स गया,
नि साथ में सूज-सम्पट भी गयी।

बाकि तो सब पेलेज बता दिया,
की केसा गिरा और क्या हुआ।

पर ये तो सुनो पेलवान,
बाद में अपन्ने क्या किया।

नि-नि करते दस-पंद्रा लोग देख रिये थे,
पर अपन खुदिज उठे और रामप्यारी उठई।

एक झाड़ की डाली चटकई,
भाटा उठाया ओर जां से तेल फैला वां पे टिकाया।

गोड़े की रगड़ी जीन्स चढ़ई,
और क्या फिर घर के लिए गाड़ी बढ़ई।

तब से अब तक बस लंगड़ा रिये है,
ओर कई बि नि जा पा रिये है।

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3 Responses to अपने पे बीती…

  1. Hahaha!!! hilarious!! Superlike

  2. Reblogged this on Kuch baate apni bhi… and commented:
    Hilarious take on Indori description of accident.
    Every Indori can relate..

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