Monthly Archives: September 2016

ऑटोवाले

​ऑटोवाले, है काम तो आते, पर काम बढ़ाते, ये ऑटोवाले। राह में चलते कब मुड़ जाते, जैसे कोई हो मतवाले, ये ऑटोवाले। बिच सड़क पर विचरण करते, जैसे बीहड़ में गजराज निराले, ये ऑटोवाले। कोई सवार जब भाव करे तो, … Continue reading

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गर्जना है सिंह की…

गर्जना है सिंह की, यह सैन्य बल प्रमाण है। शांति-दूत कृष्ण का स्वरुप शक्तिमान है।। रण में राष्ट्रवीर के रक्त का उबाल है। आतंक के अंत का अखण्ड अभियान है।। गर्जना है सिंह की… यह मात्र प्रतिशोध नहीं, शत्रु को … Continue reading

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