Monthly Archives: May 2014

प्रकृति

आज से करीब एक वर्ष पूर्व एक सोंधी सी सुबहा थी, कुछ छः-साड़े छः बजे की बात होगी (जो की मेरे लिये कतइ सामान्य नहीं होती :p)। मेरी कुंभकरण से प्रभावित नींद जाने कैसे खुल गयी और उस अद्भुत मौनसून … Continue reading

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