आया वसंत आया वसंत…

माँ सरस्वती की अनुपम कृपा से बसंत पंचमी के इस पवन पर्व पर मन के कुछ भाव इन पंक्तियों में अलंकृत करने का प्रयास किया है ।

अंग-अंग में मेरे जागी उमंग,
आया वसंत आया वसंत ।

पंचम की राग में गुंजे मृदंग ,
आया वसंत आया वसंत ।

सरसों की बालियों में है तरंग,
आया वसंत आया वसंत ।

बागो में छाया कलरव मलंग,
आया वसंत आया वसंत ।

मूर्च्छा से जागे कोपल और तृण,
आया वसंत आया वसंत ।

संपूर्ण भारत वर्ष को बसंत पंचमी की हार्दिक शुभकामनायें ।

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